चीनी की कटोरी लौटाने के बहाने घर में घुसी पड़ोसी, महिला पर किया Acid Attack, कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा
अहमदाबाद के इसनपुर में 2022 के Acid Attack Case में सिटी सिविल कोर्ट ने 64 वर्षीय महिला को 10 साल की सख्त कैद की सजा सुनाई। पीड़िता को Victim Compensation Scheme के तहत 3 लाख रुपये का मुआवजा भी मिलेगा।
अहमदाबाद के इसनपुर इलाके में वर्ष 2022 में हुए Acid Attack Case में सिटी सिविल कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने 64 वर्षीय महिला को पड़ोस में रहने वाली 59 वर्षीय महिला पर हाइड्रोक्लोरिक एसिड (Hydrochloric Acid) से हमला करने और सोने की चेन लूटने की कोशिश का दोषी मानते हुए 10 साल की सख्त कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने Victim Compensation Scheme के तहत पीड़िता को 3 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।
आंखों की रोशनी पर पड़ा गंभीर असर
प्रिंसिपल जज हेमांग राजेंद्र रावल ने अपने फैसले में कहा कि एसिड हमले के कारण पीड़िता की आंखों की रोशनी पर गंभीर असर पड़ा। उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से भारी पीड़ा झेलनी पड़ी। अदालत ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पीड़िता को आर्थिक सहायता देने का निर्देश दिया। साथ ही आरोपी पर लगाए गए जुर्माने की राशि भी पीड़िता को देने का आदेश दिया गया है।
चीनी की कटोरी लौटाने के बहाने घर में घुसी
मामले के अनुसार, 30 सितंबर 2022 की सुबह इसनपुर स्थित कर्णावती अपार्टमेंट में पीड़िता अपने घर पर अकेली थीं। इसी दौरान सामने रहने वाली पड़ोसी महिला चीनी की कटोरी लौटाने के बहाने उनके घर पहुंची। बातचीत के दौरान उसने पीड़िता की सोने की चेन देखने और उसकी फोटो लेने की इच्छा जताई।
जब पीड़िता चेन वापस अलमारी में रखने के लिए मुड़ीं, तभी आरोपी ने पीछे से उनके सिर और आंखों पर Hydrochloric Acid उड़ेल दिया।
चेन लूटने की कोशिश और हत्या का प्रयास
एसिड पड़ते ही पीड़िता दर्द से चिल्लाने लगीं। आरोप है कि आरोपी ने उन्हें धक्का देकर बिस्तर पर गिरा दिया, गला दबाने की कोशिश की और छीना-झपटी के दौरान सोने की चेन तोड़ दी। शोर सुनकर पड़ोसी और परिवार के सदस्य मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद आरोपी महिला वहां से फरार हो गई।
घटना के बाद इसनपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया और जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
कोर्ट में मजबूत सबूतों के आधार पर हुई सजा
सुनवाई के दौरान सरकारी वकील भावेश पटेल ने गवाहों के बयान और 14 दस्तावेजी साक्ष्य अदालत के सामने पेश किए। अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि समाज में बढ़ते ऐसे गंभीर अपराधों पर रोक लगाने के लिए कठोर सजा जरूरी है।
सभी सबूतों और दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी महिला को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की सख्त कैद की सजा सुनाई। साथ ही पीड़िता को Victim Compensation Scheme के तहत 3 लाख रुपये देने का आदेश देकर अदालत ने पीड़ित के पुनर्वास को भी महत्व दिया।