Divorce Month Trend: हर साल जनवरी में तलाक के मामलों में बढ़ोतरी क्यों होती है?

डिवोर्स मंथ ट्रेंड बताता है कि हर साल जनवरी में तलाक के मामलों में बढ़ोतरी क्यों होती है, जिसे साइकोलॉजी, स्टडीज़ और एक्सपर्ट रिलेशनशिप इनसाइट्स का सपोर्ट मिला है।

Jan 7, 2026 - 21:51
Jan 7, 2026 - 21:55
Divorce Month Trend: हर साल जनवरी में तलाक के मामलों में बढ़ोतरी क्यों होती है?
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हर साल जैसे ही नए साल की शुरुआत होती है, लोग ‘New Year, New Me’ के संकल्प लेते हैं। लेकिन इसी समय एक और कम चर्चा किया जाने वाला ट्रेंड उभरता है। फैमिली कोर्ट, तलाक वकीलों के दफ्तर और सर्च इंजन अचानक अधिक सक्रिय हो जाते हैं। लंबे समय से तनाव झेल रहे रिश्ते आखिरकार टूटने की कगार पर पहुंच जाते हैं। इसी कारण जनवरी को अब Divorce Month Trend के नाम से जाना जाने लगा है।

यह महज संयोग नहीं है। आंकड़े, मनोविज्ञान और सामाजिक व्यवहार साफ दिखाते हैं कि जनवरी तलाक के मामलों के लिए सबसे संवेदनशील महीना बन चुका है।

Divorce Month Trend: Why January Sees a Surge in Divorces Every Year

Divorce Month Trend क्या है?

Divorce Month Trend एक अनौपचारिक शब्द है, जिसका इस्तेमाल वकील और रिलेशनशिप थेरेपिस्ट जनवरी में तलाक के मामलों में अचानक आई तेजी को समझाने के लिए करते हैं।

एक लंबे समय तक किए गए अध्ययन में पाया गया कि जनवरी में तलाक की अर्ज़ियों में अन्य महीनों की तुलना में लगभग 33 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होती है। यह पैटर्न कई दशकों से लगातार देखा जा रहा है।

ऑनलाइन सर्च डेटा भी इस ट्रेंड की पुष्टि करता है। दिसंबर के अंत से जनवरी के पहले हफ्तों में divorce, how to get a divorce और file for divorce जैसे keywords पर सर्च में तेज उछाल आता है। यह बताता है कि लोग छुट्टियों के बाद अपने रिश्तों को लेकर ठोस फैसले लेने लगते हैं।

Divorce Month Trend: जनवरी में ही क्यों बढ़ते हैं तलाक?

नया साल केवल कैलेंडर नहीं बदलता, बल्कि सोचने का नजरिया भी बदल देता है। लोग अपने करियर, स्वास्थ्य, आदतों और रिश्तों का मूल्यांकन करते हैं। जो बातें सालभर टाली जाती हैं, जनवरी में उन्हें नजरअंदाज करना मुश्किल हो जाता है।

Divorce Month Trend: Why January Sees a Surge in Divorces Every Year

कई लोगों के लिए नया साल एक मानसिक ‘रीसेट बटन’ की तरह काम करता है। यह उन्हें हिम्मत देता है कि वे उन रिश्तों से बाहर निकलें, जिनमें वे लंबे समय से असंतुष्ट हैं।

Holiday Effect: त्योहारों का छुपा हुआ दबाव

त्योहारी मौसम बाहर से खुशहाल दिखता है, लेकिन अंदर ही अंदर यह रिश्तों पर भारी दबाव डालता है।

  • आर्थिक खर्च

  • परिवार के साथ मजबूरी में समय बिताना

  • पुराने मतभेद

  • बच्चों को लेकर सामाजिक दबाव

इन सबके कारण तनाव और बढ़ जाता है। कई कपल्स त्योहारों के दौरान परिवार और बच्चों की खुशी के लिए खुद को संभाले रखते हैं, लेकिन जनवरी आते ही फैसले ले लेते हैं।

अध्ययनों से यह भी सामने आया है कि महिलाएं, खासकर हेट्रोसेक्सुअल मैरिज में, छुट्टियों के बाद तलाक की पहल अधिक करती हैं। इसका एक बड़ा कारण यह माना जाता है कि भावनात्मक और घरेलू जिम्मेदारियों का बोझ अक्सर महिलाओं पर ज्यादा होता है, जो त्योहारों में और बढ़ जाता है।

Practical Reasons: Divorce Month Trend के पीछे व्यावहारिक कारण

जनवरी तलाक के लिए सिर्फ भावनात्मक नहीं, बल्कि व्यावहारिक रूप से भी अनुकूल माना जाता है।

  • साल के अंत में बोनस और फाइनेंशियल क्लैरिटी

  • नई इंश्योरेंस पॉलिसी साइकिल

  • टैक्स ईयर का क्लोज होना

इन कारणों से लोग जनवरी में कानूनी प्रक्रिया शुरू करना ज्यादा आसान समझते हैं, भले ही यह हर केस में फाइनेंशियल रूप से फायदेमंद न हो।

Divorce Month Trend के दौरान रिश्तों को कैसे संभालें?

Divorce Month Trend: Why January Sees a Surge in Divorces Every Year

हर रिश्ता तलाक तक ही पहुंचे, यह जरूरी नहीं है। जनवरी की भावनात्मक तीव्रता कई बार असंतोष को जरूरत से ज्यादा बड़ा बना देती है।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि:

  • खुलकर और ईमानदारी से बातचीत करें

  • कपल काउंसलिंग पर विचार करें

  • बड़े फैसले लेने से पहले खुद को समय दें

यदि तलाक का निर्णय पहले से तय है, तो समय रहते कानूनी सलाह लेना मानसिक तनाव को कम कर सकता है।

निष्कर्ष

असल में फैसले कैलेंडर नहीं करता, बल्कि स्पष्टता करती है। जनवरी सिर्फ वह हिम्मत देता है, जो लोग पूरे साल जुटाते रहते हैं। Divorce Month Trend आधुनिक रिश्तों की उसी सच्चाई को उजागर करता है, जिसे अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है।

Ananya Sharma अनन्या शर्मा एक समर्पित हिंदी पत्रकार और कंटेंट राइटर हैं। उन्हें देश-दुनिया की ताज़ा खबरें, सामाजिक मुद्दे, राजनीति और जन-हित से जुड़े विषयों पर लिखने का विशेष अनुभव है। सरल और प्रभावशाली भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनका मुख्य उद्देश्य है। अनन्या सच्ची, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता में विश्वास रखती हैं।