ED Raid Controversy: छापेमारी के दौरान जबरन घुसीं ममता बनर्जी, अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाने का आरोप

Mamata Banerjee ED Raid Controversy में बड़ा खुलासा, ED का आरोप—रेड के दौरान ममता बनर्जी मौके पर पहुंचीं और जरूरी सबूत अपने साथ ले गईं।

Jan 8, 2026 - 18:25
ED Raid Controversy: छापेमारी के दौरान जबरन घुसीं ममता बनर्जी, अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाने का आरोप
Mamata Banerjee ED Raid

कोलकाता की सियासत में उस वक्त भूचाल आ गया, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। ED का दावा है कि हवाला़ और कथित कोयला तस्करी मामले की जांच के दौरान चल रही छापेमारी में मुख्यमंत्री खुद मौके पर पहुंचीं और जांच से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस अपने साथ ले गईं।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब ED Indian Political Action Committee (IPAC) और उसके प्रमुख प्रशांत जैन से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी। एजेंसी का कहना है कि इस कथित हस्तक्षेप से जांच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

Mamata Banerjee ED Raid Controversy: क्या है पूरा मामला

ED के अनुसार, गुरुवार को कोलकाता के सॉल्ट लेक इलाके में स्थित IPAC के कार्यालय पर छापेमारी की गई थी। इसके बाद जांच टीम प्रशांत जैन के आवास पर भी पहुंची। IPAC एक राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म है, जिसे तृणमूल कांग्रेस ने 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए हायर किया है। इसी वजह से यह मामला और अधिक संवेदनशील बन गया है।

जांच एजेंसी का दावा है कि छापेमारी के दौरान सब कुछ सामान्य रूप से आगे बढ़ रहा था, लेकिन तभी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। ED का आरोप है कि उन्होंने चल रही रेड के बीच जबरन प्रवेश किया और कई अहम फाइलें तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अपने साथ ले गईं।

Mamata Banerjee ED Raid Controversy और हवाला़–कोयला तस्करी कनेक्शन

ED के मुताबिक, यह पूरी जांच हवाला़ नेटवर्क और कथित कोयला तस्करी घोटाले से जुड़ी हुई है। एजेंसी का कहना है कि कोयला तस्करी से जुड़े एक बड़े सिंडिकेट ने हवाला़ के जरिए भारी मात्रा में पैसे ट्रांसफर किए। इन पैसों का एक हिस्सा शक्तंभरी ग्रुप ऑफ कंपनीज को कोयला बेचने से जुड़ा बताया जा रहा है।

जांच में यह भी सामने आया है कि इस हवाला़ नेटवर्क में कुछ कुख्यात ऑपरेटर्स शामिल हैं। कई गवाहों के बयान इस गठजोड़ की पुष्टि करते हैं। ED का दावा है कि कोयला तस्करी में शामिल एक व्यक्ति ने IPAC के साथ वित्तीय लेनदेन किया था और करोड़ों रुपये कंपनी को ट्रांसफर किए गए थे, जिससे दोनों के बीच सीधे संबंध होने का संदेह है।

Mamata Banerjee ED Raid Controversy: पुलिस और एजेंसी आमने-सामने

ED का कहना है कि इस केस में पश्चिम बंगाल के छह शहरों और दिल्ली के चार स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई थी। इसी दौरान कथित तौर पर मुख्यमंत्री का काफिला प्रशांत जैन के घर और बाद में IPAC के ऑफिस तक पहुंचा। एजेंसी का आरोप है कि वहां भी जबरन प्रवेश कर कुछ फाइलें और दस्तावेज अपने साथ ले जाए गए।

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कोलकाता पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। साउथ कोलकाता के डिप्टी कमिश्नर ने ED अधिकारियों से उनकी पहचान और रेड के आधार के बारे में पूछताछ की। इसके बाद पुलिस कमिश्नर भी अन्य अधिकारियों के साथ पहुंचे। ED अधिकारियों ने कोर्ट के आदेश और अपने आईडी कार्ड दिखाकर कार्रवाई का आधार स्पष्ट किया।

राजनीतिक घमासान तेज

इस पूरे प्रकरण ने राज्य और केंद्र की राजनीति में नया टकराव पैदा कर दिया है। एक ओर ED इस मामले को गंभीर जांच में बाधा डालने का आरोप बता रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस और राज्य सरकार इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई और छवि खराब करने की कोशिश बता रही है। आने वाले दिनों में यह Mamata Banerjee ED Raid Controversy कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर और तेज होने की संभावना है।

Ananya Sharma अनन्या शर्मा एक समर्पित हिंदी पत्रकार और कंटेंट राइटर हैं। उन्हें देश-दुनिया की ताज़ा खबरें, सामाजिक मुद्दे, राजनीति और जन-हित से जुड़े विषयों पर लिखने का विशेष अनुभव है। सरल और प्रभावशाली भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुँचाना उनका मुख्य उद्देश्य है। अनन्या सच्ची, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता में विश्वास रखती हैं।